करथुआ के जंगलों में भड़की भीषण आग, वन विभाग बेखबर; बहुमूल्य संपदा खतरे में

सिंगरौली। जिले के करथुआ वन परिक्षेत्र में बुधवार सुबह से लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। एनएच-39 सीधी-सिंगरौली मार्ग पर परबिरतहवा के पास, पुराने पंचायत भवन के सामने भड़की यह आग तेज हवाओं के कारण तेजी से फैल रही है। आग की इस चपेट में सागौन के बेशकीमती पेड़ों सहित अन्य महत्वपूर्ण वनस्पतियों के आने से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
महुआ बीनने वालों की लापरवाही बनी कारण!
शुरुआती जानकारी के अनुसार, महुआ बीनने वाले ग्रामीणों द्वारा झाड़ियों और खरपतवार को साफ करने के लिए लगाई गई छोटी सी आग धीरे-धीरे बेकाबू हो गई। सूखे पत्तों और तेज हवा के चलते आग ने पूरे जंगल को अपनी आगोश में ले लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी क्षेत्र में पहले भी कई बार आग लग चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा रोकथाम के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।
विभाग को भनक तक नहीं
हैरानी की बात यह है कि जंगल धधक रहा है, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। मामले में जब करथुआ रेंज के रेंज ऑफिसर दिव्यांशु सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें आग लगने की कोई सूचना अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि उनका अमला जंगल की सुरक्षा में तैनात है और सूचना मिलते ही तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सागौन के जंगल पर मंडराया संकट
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह सागौन के मुख्य जंगलों तक पहुँच सकती है, जिससे करोड़ों की वन संपदा जलकर खाक हो जाएगी। फिलहाल आग लगातार फैल रही है और वन विभाग की सुस्ती से पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है।













