मध्य प्रदेशसिंगरौली

अदाणी फाउंडेशन की फायर फाइटिंग प्रशिक्षण पहल से ग्रामीण बालिकाएं हो रहीं सशक्त

अब आगजनी की घटनाओं में महिलाएं भी पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर निभा रही हैं जिम्मेदारी

सिंगरौली, जब महिलाएं किसी क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। इसी सोच को साकार रूप देते हुए अदाणी फाउंडेशन ने ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को निःशुल्क फायर फाइटिंग प्रशिक्षण प्रदान करने की एक अनूठी पहल की है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं को अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में दक्ष बनाना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त करना है।

इसी कड़ी में अदाणी फाउंडेशन द्वारा धिरौली परियोजना अंतर्गत बेलवार गांव की दो प्रतिभाशाली बालिकाओं—आरती साह और पूनम साह—का चयन किया गया है। माता‑पिता की सहमति प्राप्त करने के पश्चात, दोनों बालिकाएं नागपुर स्थित भारतीय अग्निशमन संस्थान में छह माह का फायर फाइटिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व झलरी गांव की दो बालिकाओं—रेशमा सोनी और रवीता शाह—को भी इसी प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया था। उन्होंने नागपुर स्थित भारतीय अग्निशमन संस्थान से सफलतापूर्वक छह माह का प्रशिक्षण पूर्ण किया। प्रशिक्षण के पश्चात नियुक्ति से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें सुलियरी खदान की फायर ब्रिगेड टीम में शामिल किया गया।

रेशमा और रवीता ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर न केवल यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, बल्कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से फायर ब्रिगेड में सक्रिय रूप से सेवाएं देते हुए अपनी कार्यकुशलता भी सिद्ध की है। यह प्रशिक्षण उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ‑साथ आपात परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तैयार करता है।

रेशमा और रवीता के बाद अब आरती साह और पूनम साह भी फायर फाइटिंग प्रशिक्षण लेकर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। अदाणी फाउंडेशन द्वारा उनके सम्मान में आयोजित विशेष समारोह में पूनम साह के माता‑पिता—प्रभावती साह एवं गीता शरण साह—तथा आरती साह के पिता मिथिला शरण साह उपस्थित रहे। इस अवसर पर अदाणी समूह की ओर से क्लस्टर एचआर हेड विकास सिंह, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष द्विवेदी, बिनोद कुमार सिंह, मुनीश सूद, विक्रम शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह पहल अदाणी फाउंडेशन की सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। फाउंडेशन की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी समान अवसर मिलने पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। इस अवसर पर पूनम साह के पिता गीता शरण साह ने अदाणी फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किया गया यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

आरती साह और पूनम साह की यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन असंख्य ग्रामीण बालिकाओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं। अदाणी फाउंडेशन की यह पहल समाज में महिलाओं के योगदान को पहचानने और उसे और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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