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निलम्बन तक का प्रस्ताव नही लाखो के घोटाले में

दो साल में भी 14 लाख रूपये की नही हुई रिकवरी, छात्रवृत्ति से जुड़ा है घोटाला, लीड प्राचार्य की भी भूमिका संदेह के घेरे में
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शासकीय जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय चितरंगी में छात्रवृत्ति वितरण के नाम पर लाखों रूपये के घोटाले करने वाले प्राचार्य पर करीब दो साल बाद भी कार्रवाई नही हुई।
बल्कि लीड प्राचार्य मामले में लीपापोती कर मामले को रफा-दफा कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ताकि संरक्षण प्राप्त एंव जीहुक्मी प्राचार्य पर किसी भी प्रकार की आंच न आये।
दरअसल शासकीय जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय चितरंगी में वर्ष 2023-24 शैक्षणिक सत्र में अध्ययनरत बीएसएस एवं बी-कॉम के ओबीसी, अजा एवं अजजा छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति वितरण में प्रभारी प्राचार्य राममिलन प्रजापति ने लाखों रूपये का घोटाला कर दिया और यह घोटाला करीब 14 लाख रूपये से अधिक का है। करीब पॉच दर्जन से अधिक छात्रों के बैंक खाते में पॉच-पॉच हजार रूपये के स्थान पर 30 से 35 हजार रूपये ट्रांसफर कर दिया।
हालांकि यह सब लीड प्राचार्य डिग्री कॉलेज बैढ़न के डॉ. एमयू सिद्धिक्की के हस्ताक्षर से हुआ है और जब राशि छात्र-छात्रों के खाते में पहुंची तो, इसके बाद प्राचार्य अपने स्टाफ के माध्यम से वसूली भी कराने लगे हैं। हालांकि यह वसूली अभी भी जारी है और वसूली के दौरान छात्रों के अभिभावको एवं महाविद्यालय के स्टाफ के बीच कहासुनी एवं तूतू-मैंमैं की स्थिति भी निर्मित हो रहा है।
अब सवाल उठ रहा है कि 14 लाख रूपये के इस घोटाले में प्रभारी प्राचार्य राममिलन प्रजापति के विरूद्ध लीड प्राचार्य डिग्री कॉलेज बैढ़न के द्वारा क्या कार्रवाई की गई। कहा जा रहा है कि यदि मामला उजागर न होता, तो शायद यह 14 लाख रूपये को वसूल कर प्राचार्य डकार जाते। अब यह भी सवाल उठ रहा है कि शासन की राशि में खयानत करने वाले प्राचार्य पर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य इतना मेहरवान क्यों हैं? आप नेता राजेश सोनी का कहना है कि इसमें लीड प्राचार्य के साथ-साथ चितरंगी के प्राचार्य के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई हो और घोटालेबाज पर एफआईआर हो।
उन्होंने आरोप लगाया है कि कहीं न कहीं लीड प्राचार्य स्वयं को बचाने के चक्कर में चितरंगी ्रप्राचार्य पर कार्रवाई नही कर रहे हैं। चितरंगी महाविद्यालय में अन्य कई प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के अलावा भोज विश्वविद्यालय के परीक्षा में वसूली करने के भी शिकायते हैं। फिलहाल चितरंगी प्राचार्य पर किसकी मेहरवानी हैं। लाखों रूपये के घोटाला करने के बावजूद निलम्बन एवं एफआईआर की कार्रवाई न किये जाने पर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य भी सवालों में घिरे हुये हैं।
एफआईआर एवं निलम्बन की हो कार्रवाई: राजेश
ओबीसी, अजा, अजजा छात्रों के छात्रवृत्ति वितरण में लाखों रूपये के घोटाला करने वाले प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर एवं निलम्बन की कार्रवाई किये जाने की मांग उठने लगी है।
साथ ही वित्तीय अधिकारी डिग्री कॉलेज बैढ़न के प्राचार्य पर भी मामले को रफादफा करने की अब तक की गई कवायद को लेकर विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सोनी ने नवागत कलेक्टर गौरव बैनल का ध्यान आकृष्ट कराते हुये कहा है कि इसमें दोनों प्राचार्यो के विरूद्ध एफआईआर के साथ-साथ अन्य कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर महाविद्यालय में खरीदी की गई अन्य सामग्रियों की भी विधिवत जांच हो।
घोटाले को प्राचार्य ने लिपिकीय त्रुटि
करीब 14 लाख रूपये के इस घोटाले में महाविद्यालय चितरंगी के प्राचाय ने कहा था कि लिपिकीय त्रुटि एवं कार्य की अधिकता तथा स्टाफ की कमी के चलते ऐसा हुआ है। छात्रों से रिकवरी की जा रही है और जल्द से जल्द सरकार के खजाने में राशि जमा कर दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा है कि आप सब के सहयोग से छात्रों से वसूली हो पाएगी। उन्होंने सवालों का जवाब देते हुये कहा है कि यह कोई आर्थिक अनियमितता नही है। भूलचूक हुई है। अब सवाल उठाया जा रहा है कि प्राचार्य का यह अजीबो-गरीबो जवाब लोगों के गले से बात उतर नही रही है। वहीं करीब दो साल में भी 14 लाख रूपये की रिकवरी न हो पाना कहीं न कहीं घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।













