मध्य प्रदेशसिंगरौली

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: महंगी किताबें-ड्रेस थोपकर वसूली, अभिभावक परेशान

सिंगरौली। जिले में संचालित निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के दावे लगातार खोखले साबित हो रहे हैं। नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी के अलावा हजारों रुपए की अतिरिक्त किताबें, कॉपियां और ड्रेस थोपे जाने का मामला सामने आया है, जिससे अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
अभिभावकों का आरोप है कि कई विद्यालय खुले तौर पर मैसेज भेजकर तय दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीदने के निर्देश दे रहे हैं। जबकि औपचारिक रूप से यह कहा जाता है कि सामग्री कहीं से भी खरीदी जा सकती है, लेकिन वास्तविकता में वही किताबें और ड्रेस सिर्फ चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे अभिभावक मजबूर होकर वहीं से महंगे दामों पर खरीदारी करने को बाध्य होते हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ स्कूल निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर देते हैं, जो बाजार में अन्यत्र उपलब्ध ही नहीं होतीं। इस पूरे सिस्टम में स्कूलों और प्रकाशकों के बीच कमीशनखोरी की आशंका भी जताई जा रही है।
हर साल सत्र की शुरुआत में इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच होती है, जो तब तक चलती रहती है जब तक अधिकांश अभिभावक मजबूरी में सामान खरीद नहीं लेते। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।

अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी विद्यालयों की इस मनमानी पर सख्त कार्रवाई की जाए और एनसीईआरटी आधारित शिक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।

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