मौत के साए में खेती: खेतों के ऊपर लटकते 440 वोल्ट के तार, हादसे का मंडरा रहा खतरा
चितरंगी के रमडिहा पंचायत में भयावह हालात, दो साल बाद भी नहीं बदले जर्जर बिजली तार

सिंगरौली (चितरंगी)। जिले के चितरंगी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रमडिहा के नरेना बैसवार बस्ती में किसान इन दिनों जान जोखिम में डालकर खेती करने को मजबूर हैं। यहां खेतों के ऊपर से मकड़ी के जाल की तरह उलझे और जर्जर 440 वोल्ट के बिजली तार लटक रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई जगहों पर तार इतने नीचे झूल रहे हैं कि खेत में काम करते समय हाथ लगने का खतरा बना रहता है। हैरानी की बात यह है कि मजबूत पोल की बजाय कई स्थानों पर बांस के सहारे तार खड़े किए गए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और भी संदिग्ध हो गई है।
किसानों ने बताया कि जर्जर तारों में अक्सर स्पार्किंग होती है और कई बार तार जलकर टूटकर खेतों में गिर चुके हैं। अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल किस्मत का साथ है, हालात बेहद खतरनाक हैं।
गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। तार गर्म होकर झूलने लगते हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय खेतों में काम करना जोखिम भरा हो गया है। किसान रात में सिंचाई करने से भी डरते हैं, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
दो साल पहले बिजली विभाग द्वारा सर्वे कर जल्द सुधार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो तार बदले गए और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। नियमित बिल भुगतान के बावजूद सुरक्षित बिजली व्यवस्था न मिलने से किसानों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जर्जर तारों को तुरंत बदला जाए और मजबूत पोल लगाकर सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।













