देश विदेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली, बिहार की सियासत में हलचल तेज

नई दिल्ली/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन का नया अध्याय शुरू कर दिया। संसद भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने विधिवत सदस्यता ग्रहण की, जिससे उनके राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के संकेत और मजबूत हो गए हैं।

चारों सदनों के सदस्य बनने वाले दूसरे बड़े नेता

“सुशासन बाबू” के नाम से प्रसिद्ध नीतीश कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में एक और उपलब्धि जोड़ ली है। वे अब लालू प्रसाद यादव के बाद बिहार के दूसरे ऐसे नेता बन गए हैं, जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।

सीएम पद छोड़ने की अटकलें तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा पहुंचने के साथ ही बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की खबर के बाद बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।

कार की सीट ने बढ़ाई सियासी चर्चा

शपथ ग्रहण से पहले दिल्ली स्थित अपने आवास से संसद जाते समय एक दिलचस्प सियासी संकेत देखने को मिला। नीतीश कुमार अपनी कार की आगे वाली सीट पर बैठे नजर आए, जबकि पीछे की सीट पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और संजय झा मौजूद थे।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि उसी कार में बीजेपी का एक बड़ा नेता भी मौजूद था, जिसने संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

राष्ट्रीय बनाम राज्य की राजनीति

नीतीश कुमार का यह कदम साफ संकेत देता है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं, जबकि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के जरिए नए समीकरण बन सकते हैं।

आगे क्या?

फिलहाल सबकी नजर 14–15 अप्रैल पर टिकी है। अगर नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं, तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है—जो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।

Author

Related Articles

Back to top button