ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, पंचायत राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन

प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता बहाल करने की उठाई मांग, जनप्रतिनिधियों ने दिया आश्वासन

सिंगरौली। टीईटी परीक्षा को अनिवार्य किए जाने और प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता बहाल करने की मांग को लेकर शनिवार को सिंगरौली में अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह तथा देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम को ज्ञापन सौंपा।
शिक्षकों ने बताया कि वे वर्ष 1998 से शासन के निर्देशानुसार निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में अब टीईटी परीक्षा को अनिवार्य करना व्यवहारिक नहीं है। उनका कहना है कि कई शिक्षक 25 से 50 वर्ष की आयु के बीच हैं और लंबे समय से सेवा में हैं, इसके बावजूद उन्हें दोबारा परीक्षा देकर अपनी योग्यता सिद्ध करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो अनुचित है।


प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के अनुसार, इस निर्णय से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक और उनके परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि टीईटी की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए तथा प्रदेश सरकार उनके पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे। साथ ही प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता बहाल करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों की मांगों को जायज बताते हुए उचित स्तर पर समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में सुमारु प्रसाद खैरवार, महेंद्र प्रसाद द्विवेदी, रमेश पांडे, के.के. द्विवेदी, अनिल पांडेय, विजय उपाध्याय, सुषमा श्रीवास्तव, अनीता सिंह, पंचराज सिंह, भागीरथी सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

Author

Related Articles

Back to top button