गाजीपुर की गुमशुदा बालिका को बरगवां पुलिस ने सुरक्षित परिजनों से मिलाया

सिंगरौली। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से भटकी एक नाबालिग बालिका को बरगवां पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर मानवता का सराहनीय उदाहरण पेश किया है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 8 अप्रैल 2026 को डायल 112 के माध्यम से थाना बरगवां पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम डगा में एक अज्ञात बालिका भटक रही है, जो अपना नाम-पता बताने में असमर्थ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बालिका को संरक्षण में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
बालिका की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे वन स्टॉप सेंटर बैढ़न में रखा गया। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी गौरव पांडेय के निर्देशन में बालिका से सतत पूछताछ की गई।
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी सरोज सोनवानी, केयर टेकर अनीता साहू, सुरक्षाकर्मी माण्डवी मिश्रा एवं महिला प्रधान आरक्षक अंशु शुक्ला द्वारा काउंसलिंग और संवाद के माध्यम से बालिका से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की गई। पूछताछ में बालिका ने स्वयं को जिला गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी बताया और उसकी उम्र लगभग 13 वर्ष पाई गई।
इसके बाद बरगवां पुलिस ने गाजीपुर जिले के संबंधित थाना से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी। परिजनों के सिंगरौली पहुंचने पर बाल कल्याण समिति की उपस्थिति में विधिवत प्रक्रिया पूर्ण कर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया गया।इस पूरे मामले में निरीक्षक मो. समीर, सहायक उपनिरीक्षक विनोद, प्रधान आरक्षक अवधलाल सोनी, नंदकिशोर बागरी सहित वन स्टॉप सेंटर की टीम—सरोज सोनवानी, अनीता साहू, माण्डवी मिश्रा एवं अंशु शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।इस संवेदनशील कार्रवाई से पुलिस की सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण की व्यापक सराहना हो रही है।












