मोरवा में बढ़ती गर्मी के बीच ठंडे पानी का संकट: लाखों का वाटर कूलर प्लांट बना शोपीस
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर राष्ट्रीय महासचिव अमित तिवारी ने जताई नाराजगी

सिंगरौली- जिले के मोरवा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ठंडे पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा वर्षों पहले पुरानी सब्जी मंडी में स्थापित किया गया वाटर कूलर प्लांट आज पूरी तरह से निष्क्रिय पड़ा है।इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अमित तिवारी ने भी चिंता जताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से लगाए गए इस प्लांट ने शुरुआती कुछ महीनों तक ही काम किया, जिसके बाद यह खराब हो गया।
हैरानी की बात यह है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद नगर निगम इसे दुरुस्त कराने में विफल रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि प्लांट की मशीन लगभग 90 प्रतिशत तक खराब हो चुकी है।यह वाटर कूलर प्लांट लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा था, जहां मात्र 1 रुपये में एक लीटर ठंडा पानी उपलब्ध हो जाता था। इससे राहगीरों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों को गर्मी में बड़ी राहत मिलती थी। लेकिन अब इसके बंद पड़े रहने से लोगों को पीने के ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि इतना महंगा और सार्वजनिक सुविधा से जुड़ा प्रोजेक्ट कुछ ही महीनों में कैसे खराब हो गया। साथ ही, नगर निगम की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।बढ़ते तापमान के बीच मोरवा के लोगों को ठंडे पानी के लिए जूझना पड़ रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस वाटर कूलर प्लांट को ठीक कराया जाए या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।













