असम हाईकोर्ट का बड़ा झटका: पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, बढ़ीं कानूनी मुश्किलें

गुवाहाटी। असम हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां से जुड़े कथित मानहानि आरोपों से संबंधित है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब खेड़ा के सामने सरेंडर करने या नियमित जमानत लेने का विकल्प बचा है।
विवाद उस समय शुरू हुआ था जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि रिंकी भुइयां के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा सहित कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां भी हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने पूरी तरह खारिज करते हुए मनगढ़ंत बताया था।
मामले ने कानूनी मोड़ तब लिया जब रिंकी भुइयां ने खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और सिविल मानहानि के केस दर्ज कराए। इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह की अंतरिम राहत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी और सुरक्षा बढ़ाने की याचिका भी खारिज कर दी।
चुनावी माहौल में यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। अब आगे की सुनवाई में अदालत में साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।













