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स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने की तैयारियों की समीक्षा

जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ शहरः समीक्षा बैठक में आयुक्त ने तय की जिम्मेदारियां

सिंगरौली /स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जमीनी स्तर पर निरीक्षण, चलानी कार्रवाई, जनजागरूकता अभियान और बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति तय की गई। बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के लिए केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक वार्ड में वास्तविक स्थिति का आकलन जरूरी है। इसी उद्देश्य से वार्ड नोडल अधिकारियों को विस्तृत चेकलिस्ट उपलब्ध कराई गई है। इस चेकलिस्ट में कचरा संग्रहण, सड़क सफाई, डोर-टू-डोर कलेक्शन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, डंपिंग पॉइंट्स की स्थिति और नागरिक सुविधाओं से जुड़े बिंदुओं को शामिल किया गया है। नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित निरीक्षण कर प्रत्येक बिंदु पर स्थिति का मूल्यांकन करें और समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने के लिए नगर निगम द्वारा विशेष चलानी दल का गठन किया जाएगा। इस दल में सब इंजीनियर, स्वच्छता निरीक्षक और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर खुले में कचरा फेंकने, अवैध डंपिंग, गंदगी फैलाने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल चलानी कार्रवाई करेगी। इससे नागरिकों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।

 

आयुक्त श्रीमती प्रधान ने जनसहभागिता को स्वच्छता अभियान की सफलता का आधार बताते हुए आईईसी गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत रैलियां, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर अभियान, सोशल मीडिया प्रचार और विद्यालयों एवं सामुदायिक समूहों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि नागरिक न केवल स्वच्छता के महत्व को समझें, बल्कि स्वयं भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वच्छता कार्यों की जिम्मेदारी को व्यापक बनाते हुए विभिन्न अधिकारियों को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य अधिकारी के साथ-साथ कार्यपालन यंत्री संतोष पाण्डेय एवं उपायुक्त आरपी बैंस को भी स्वच्छता कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे विभागीय समन्वय मजबूत होगा और कार्यों में तेजी आएगी।इसके अतिरिक्त, सब इंजीनियर और स्वच्छता निरीक्षकों की संयुक्त टीम बनाकर प्रत्येक वार्ड को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन टीमों को अपने-अपने वार्ड में दैनिक सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

साथ ही, इनकी कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई हो सके।आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि केवल अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।

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