सेक्टर-20 मठ मंदिर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जजों व वरिष्ठ विधि अधिकारियों ने सुनी वेंडरों की पीड़ा, सॉलिसिटर जनरल को सौंपा गया मांग पत्र

मनोज शर्मा,चंडीगढ़, 1 मई 2026 (मजदूर दिवस)। स्ट्रीट वेंडर्स (सुरक्षा एवं आजीविका संरक्षण) अधिनियम 2014 के लागू होने के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज सेक्टर-20 स्थित मठ मंदिर मैदान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्ट्रीट वेंडरों की समस्याओं, अधिकारों और उनके संघर्षों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जज जसवीर सिंह, डीआरसी के जज प्रदीप राय, भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सतपाल जैन उपस्थित रहे। उन्होंने स्ट्रीट वेंडरों की समस्याएं सुनीं, उनका दुख साझा किया और मजदूर वर्ग के अधिकारों की मजबूती के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने वेंडरों के लंबे संघर्ष को याद करते हुए उनके हकों की रक्षा पर जोर दिया।
इस अवसर पर लंगर की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में वेंडरों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सेक्टर-20 के प्रधान राममिलन गौड़, कैलाश राव, अयोध्या प्रसाद, गुड़िया देवी, मोहाली से जनरल सेक्रेटरी मीरा देवी, उपाध्यक्ष बनारसी दास, सुनीता सहित चंडीगढ़ के विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। चंडीगढ़ के जनरल सेक्रेटरी मधुर सिंह और अन्य कमेटी सदस्यों ने भी वेंडरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
कार्यक्रम के दौरान स्ट्रीट वेंडरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र तैयार कर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन को सौंपा गया, जिसे आगे गवर्नर तक भेजा जाएगा। इस मांग पत्र में वेंडरों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, स्थान निर्धारण, सुरक्षा और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाना समय की आवश्यकता है। यह आयोजन चंडीगढ़ के सभी स्ट्रीट वेंडरों के हक और अधिकारों की आवाज को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।













