सुप्रीम कोर्ट सख्त: जमानत के बदले थाने की सफाई जैसी शर्तें रद्द, कहा- यह मानवाधिकारों का उल्लंघन

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा की अदालतों द्वारा जमानत के बदले आरोपियों से पुलिस थानों की सफाई कराने जैसी शर्तों पर सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे सभी आदेशों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इन्हें मानवाधिकारों का उल्लंघन और न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह की शर्तें विशेष रूप से दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव को दर्शाती हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि संपन्न वर्ग के आरोपियों पर ऐसी शर्तें नहीं लगाई जातीं, जो न्याय व्यवस्था में असमानता को उजागर करता है।
मामले में सामने आया था कि पिछले कुछ महीनों में ओडिशा हाईकोर्ट सहित निचली अदालतों ने करीब 50 मामलों में जमानत के साथ ऐसी शर्तें लगाई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इन पर रोक लगाई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी सभी शर्तें तत्काल प्रभाव से अमान्य होंगी और प्रभावित आरोपी इन्हें हटवा सकते हैं। साथ ही देशभर की न्यायपालिका को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की भेदभावपूर्ण शर्तें न लगाई जाएं।













