क्रूज हादसे के बाद फूटा गुस्सा: ‘सुरक्षा ऑडिट’ की अनदेखी पर जबलपुर में उठे बड़े सवाल

जबलपुर। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब पूरा शहर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। नागरिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि शहर के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्रों पर सुरक्षा ऑडिट की घोर अनदेखी की जा रही थी, जिसका खामियाजा इस हादसे के रूप में सामने आया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरगी और भेड़ाघाट जैसे पर्यटन स्थलों पर संचालित नावें और क्रूज केवल कागजी प्रक्रियाओं के भरोसे चल रहे थे। अनिवार्य थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट, फिटनेस टेस्ट और लाइफ-सेविंग उपकरणों की जांच जैसे जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया। यही वजह रही कि हादसे के समय सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित बचाव दल की कमी साफ दिखाई दी।
सोशल मीडिया और जनचर्चाओं में यह मुद्दा तेजी से उभर रहा है। लोगों का सवाल है कि क्या इन क्रूजों की नियमित जांच होती थी या फिर भ्रष्टाचार के चलते पुराने और असुरक्षित साधनों को ही संचालन की अनुमति दे दी गई।
विशेषज्ञों ने मांग की है कि जल पर्यटन स्थलों के लिए स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी बनाई जाए, जो समय-समय पर ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे। साथ ही जब तक सभी केंद्रों का विस्तृत सुरक्षा परीक्षण नहीं हो जाता, नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने की भी मांग उठी है।
यह मुद्दा अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।













