असम में 11 मई के बाद होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण, सीएम सरमा ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा
चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद भंग की गई विधानसभा; जेपी नड्डा और नायब सैनी की मौजूदगी में चुना जाएगा विधायक दल का नेता

दिसपुर। असम विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले भारी जनादेश के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। सरमा ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण समारोह 11 मई के बाद ही संपन्न होगा।
लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन
राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा नतीजों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने राज्यपाल से वर्तमान असम विधानसभा को भंग करने की भी सिफारिश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। जब तक नई सरकार कार्यभार नहीं संभाल लेती, तब तक वर्तमान मंत्रालय ‘कार्यवाहक सरकार’ के रूप में कार्य करता रहेगा।
शपथ ग्रहण की संभावित तारीख
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने 12 मई के बारे में चर्चाएं सुनी हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर तारीख की पुष्टि नहीं कर सकता। हालांकि, यह तय है कि नई सरकार का गठन 11 मई के बाद ही होगा”।
विधायक दल की बैठक और केंद्रीय पर्यवेक्षक
नई सरकार के गठन की अगली कड़ियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया:
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति: भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
नेता का चुनाव: भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता का चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद एनडीए की बैठक में उस नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी।
सरकार बनाने का दावा: नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा, जिसके बाद राज्यपाल नए मंत्रिमंडल को आमंत्रित करेंगे।
प्रचंड बहुमत के साथ वापसी
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा नीत एनडीए ने एक बार फिर आरामदायक बहुमत हासिल कर सत्ता में अपनी वापसी सुनिश्चित की है। पार्टी नेतृत्व जल्द ही विधायक दल की बैठक की आधिकारिक तारीख की घोषणा करेगा।













