ग्राम बेतरिया में अव्यवस्थाओं से ग्रामीण परेशान, श्मशान घाट और तालाब की बदहाल स्थिति पर उठे सवाल

सिंगरौली। जिले के ग्राम बेतरिया में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के शांति धाम, पुराने तालाब और चेक डेम की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुराने मुख्य श्मशान घाट के पास स्थित तालाब की हालत बेहद खराब हो चुकी है, लेकिन अब तक उसके गहरीकरण और साफ-सफाई की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार भगवानदास नामदेव के घर के पास स्थित बेतरिया स्कूल टोला और देवगांव टोला का यह मुख्य श्मशान घाट लंबे समय से पूरे क्षेत्र के लोगों के उपयोग में आता है। श्मशान घाट के समीप मौजूद तालाब वर्तमान में बड़े-बड़े झाड़-झंखाड़ और गंदगी से भरा पड़ा है। लोगों का कहना है कि इस तालाब का गहरीकरण कराया जाना जरूरी था, ताकि अंतिम संस्कार के बाद लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
आरोप है कि जरूरत वाले स्थान पर कार्य कराने के बजाय अन्य जगहों पर व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखकर विकास कार्य किए गए। ग्रामीणों ने बताया कि जिस नाले के पास चेक डेम की आवश्यकता थी, वहां निर्माण नहीं कराया गया, जबकि दूसरी जगह चेक डेम बना दिया गया। इसके कारण अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को राख ठंडी करने तक के लिए पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्यों का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि पंचायत और प्रशासन को पूरे गांव की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष रूप से विकास कार्य कराना चाहिए। अब ग्रामीण श्मशान घाट, तालाब गहरीकरण और मूलभूत सुविधाओं के सुधार की मांग कर रहे हैं।













