संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली ने पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन कहां हर 50 मीटर पर बिक रहा नशा, आखिर किसके संरक्षण में पल रहे नशा माफिया

सिंगरौली : संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली ने पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन देते हुए कहा कि जिले में आज नशा चाहे जिस प्रकार का हो, नशीली दवाइयां, नशीले पदार्थ जैसे हीरोइन, ड्रग्स, अफीम, चरस और गांजा खुलेआम बिक रहा है स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि हर 50 मीटर से 100 मीटर के दायरे में नशे का कारोबार खुले में संचालित हो रहा है युवा पीढ़ी, जिसे शिक्षा और रोजगार की ओर बढ़ना चाहिए था, आज नशे की दलदल में फंसती जा रही है बड़ी संख्या में युवा नशे का शिकार हो चुके हैं और कई पूरी तरीके से नशे के आदी बन चुके हैं स्थिति यह है कि गरीब परिवारों के बच्चे सबसे ज्यादा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण जब उनके पास नशा खरीदने के लिए पैसा नहीं होता, तो घर के बर्तन तक बेच दिए जा रहे हैं रात के अंधेरे में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, दिनदहाड़े मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, सिर्फ इसलिए ताकि किसी भी माध्यम से पैसा मिल सके और नशा सामग्री खरीदी जा सके नशे के इस जहर ने युवाओं को एक ऐसी अलग दुनिया में धकेल दिया है जहां उनका पूरा जीवन बर्बादी की ओर बढ़ रहा है।
इसका सबसे बड़ा असर परिवारों पर दिखाई दे रहा है पूरा परिवार डर और भय के साए में जीवन जीने को मजबूर है माता-पिता को हर समय यह डर सताता रहता है कि घर का बच्चा कब, कहां और किसके घर में चोरी कर दे, इसका आकलन करना तक मुश्किल हो चुका है जिन बच्चों से परिवार को उम्मीद थी कि वह घर और समाज का सहारा बनेंगे, वही आज नशे के कारण परिवार की सबसे बड़ी चिंता बन गए हैं लोगों को जिस प्रशासन से उम्मीद होती है कि वह उनकी मदद करेगा, आज वही प्रशासन कटघरे में खड़ा दिखाई दे रहा है। आरोप है कि प्रशासन नशा माफियाओं को संरक्षण देने का काम कर रहा है स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि जिले में नशा माफिया पूरी तरीके से सक्रिय हो चुके हैं और उन्हें प्रशासन का बिल्कुल डर नहीं रह गया है।
लोगों का कहना है कि कहीं न कहीं प्रशासन इंटरनल और एक्सटर्नल तरीके से सहयोग कर रहा है। यदि मामला थाने तक भी पहुंचता है, तो सेटिंग के माध्यम से मामलों को दबा दिया जाता है और कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है यही प्रशासन की दोहरी राजनीति आज लोगों को अंधेरे में जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर कर रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठ रहे हैं आरोप लगाए जा रहे हैं कि कहीं न कहीं नशा माफियाओं को जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग प्राप्त है। वही जनप्रतिनिधि जिन्हें चुनाव के समय जनता इस उम्मीद से वोट देती है कि वह जनता की मदद करेंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वह प्रशासन और राजधानी भोपाल के होकर रह जाते हैं लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि सूटकेस की राजनीति के माध्यम से सिंगरौली को बेचने का प्रयास किया जा रहा है इसी गंभीर मामले को लेकर आज संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली द्वारा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपा गया मंच ने स्पष्ट निर्देशित करते हुए जिला प्रशासन से उम्मीद जताई है कि जल्द से जल्द जिले में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाए और सिंगरौली को नशा मुक्त बनाया जाए संयुक्त संघर्ष मंच ने जिला प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि नशे के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता पड़े, तो मंच और उसकी पूरी टीम खुलकर, गोपनीय तरीके से या प्रशासन जिस प्रकार चाहे, पूरी मदद करने के लिए तैयार है।
मंच का स्पष्ट कहना है कि हर हाल में जिला नशा मुक्त होना चाहिए वहीं प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा ने भी आश्वासन दिया है कि जल्द ही जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाएगा उन्होंने कहा कि इसमें समाज और हर वर्ग के लोगों के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। यदि समाज प्रशासन के साथ मिलकर काम करे, तो सिंगरौली को नशा मुक्त होने में देर नहीं लगेगी उक्त ज्ञापन कार्यक्रम में संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली ज्ञानेंद्र सिंह बबलू सिंह बृजभूषण सिंह शिव शंकर शाह वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह सुनील सोनी पोल खोल पोस्ट एवं अन्य लोग उपस्थित रहें













