सिंगरौली के ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी, यात्रियों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

सिंगरौली। जिले के शहरी इलाकों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में पेट्रोल और डीजल की गंभीर किल्लत सामने आ रही है। ग्रामीणों और यात्रियों का कहना है कि कई पंप संचालक ग्राहकों को तेल देने से इनकार कर रहे हैं, जबकि स्टॉक मौजूद होने के बावजूद “स्टॉक खत्म” होने का बहाना दिया जा रहा है।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ पंप संचालक स्टॉक रोककर दर बढ़ने पर मुनाफा बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं। इसका असर सीधे ग्रामीणों और यात्रियों पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिंगरौली मुख्यालय से यात्रा करने पर केवल शहरी इलाकों में ही पेट्रोल-डीजल उपलब्ध होता है। रास्ते में तेल डालवाने की कोशिश में वाहन रोक दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में मुश्किल होती है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विभाग मुख्य रूप से शहरी पंपों की ही जांच करता है, जबकि दूरदराज के पंपों पर निगरानी नहीं होने से कालाबाजारी की खुली छूट मिली हुई है।
ग्रामीण और यात्री प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि दूरदराज के पंपों पर सख्त निगरानी की जाए, स्टॉक की नियमित रिपोर्टिंग हो और आवश्यक चेतावनी बोर्ड व वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि बिना कार्रवाई के पेट्रोल-डीजल संकट और बढ़ सकता है और ग्रामीण इलाकों में असंतोष फैल सकता है।













