झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता, 27 नक्सली आत्मसमर्पण

रांची। झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को गुरुवार को सबसे बड़ी सफलता मिली। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र के 25 माओवादी और प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी के 2 उग्रवादियों समेत कुल 27 नक्सलियों ने रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया। यह राज्य के इतिहास में एक दिन में सबसे बड़ा सामूहिक सरेंडर माना जा रहा है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा और पुलिस-सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें आठ हार्डकोर नक्सली शामिल हैं, जिन पर सरकार ने लाखों का इनाम घोषित किया था।
आत्मसमर्पण करने वालों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद सौंपे, जिनमें एलएमजी इंसास, इंसास राइफल, एसएलआर, पिस्टल, 31 मैगजीन, 2987 कारतूस और 8 वॉकी-टॉकी शामिल हैं।
मुख्यधारा में लौटे नक्सली भाकपा माओवादी संगठन के सात सब-जोनेल कमांडर, सात एरिया कमांडर और 13 सक्रिय कैडर हैं। प्रमुख इनामी नक्सलियों में गादी मुंडा, नागेंद्र मुंडा, रेखा मुंडा, सागेन आंगारिया और सुलेमान हांसदा शामिल हैं। महिला कैडरों में वंदना, सुनिता सरदार, सपना और अनिशा कोड़ा शामिल हैं।
सभी आत्मसमर्पण करने वालों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस दौरान आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।













