जेडीए में मचेगा बड़ा प्रशासनिक भूचाल, भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी
अध्यक्ष संदीप जैन के सख्त तेवर से दागी अफसरों में हड़कंप, पुरानी फाइलें फिर खुलेंगी

जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में नवनियुक्त अध्यक्ष संदीप जैन के कार्यभार संभालते ही प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों में घिरे अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, कई विवादित मामलों को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि जेडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी पर पूर्व में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और अब उस पुराने मामले की फाइलें भी दोबारा खोली जा सकती हैं। प्राधिकरण के गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही व्यापक एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। कई अधिकारियों पर सरकारी जमीनों की हेराफेरी और अवैध आवंटन के गंभीर आरोप भी लगे हैं।
विवादित और लंबित फाइलें तत्काल तलब
नवनियुक्त अध्यक्ष संदीप जैन ने पद संभालते ही सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी विवादित और लंबित फाइलों को तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि विभाग अब ऐसे दागी अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है, जिनकी भूमिका संदिग्ध रही है।
अध्यक्ष ने अपनी पहली ही बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि विकास कार्यों में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस सख्त संदेश के बाद वर्षों से दबाई गई फाइलों की धूल झाड़ी जा रही है।
जमीन घोटालों की जांच के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, जेडीए में सबसे ज्यादा अनियमितताएं जमीनों की खरीद-फरोख्त और आवंटन में सामने आई हैं। शहर की कीमती जमीनों को कम कीमत पर चहेतों को आवंटित करने और कागजी हेराफेरी के कई मामले जांच के दायरे में आ सकते हैं।
इसके अलावा, जिन अधिकारियों पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उनके मामलों में भी नए सिरे से साक्ष्य जुटाने की तैयारी चल रही है। विभागीय जांच के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी अब पैनी नजर रखी जा रही है ताकि रिकॉर्ड या साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।













