बाघाडीह मूर्ति प्रकरण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
कार्रवाई नहीं होने पर अनशन और धरने की चेतावनी, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

सिंगरौली। ग्राम पंचायत बाघाडीह में स्थापित मूर्ति को लेकर उपजा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से अन्न-जल त्यागकर धरना-प्रदर्शन और अनशन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त मूर्ति की स्थापना में समाजसेवी आदर्श पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लोगों का कहना है कि यह मूर्ति गांव की आस्था, सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र की भावनाएं आहत हुई हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की चुप्पी से लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। गांव स्तर पर व्यापक धरना-प्रदर्शन और अनशन शुरू किया जाएगा।
फिलहाल मामले को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।













