रेल दुर्घटना पर कर्मचारियों का आक्रोश, यूनियन ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
दरा-कवलपुरा हादसे में दो इंजीनियरों की मौत पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के दरा-कवलपुरा रेलखंड में 28 मई गुरूवार देर शाम हुई हादसे में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर संजय झा और जूनियर इंजीनियर (कार्य) अप्रेंटिस प्रभात सिंह की मिट्टी धंसने से दुखद मौत पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डब्लूसीआरईयू) ने शुक्रवार को कोटा डीआरएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा।
यूनियन का आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
मुकेश गालव ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और उसकी प्रभावी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं केवल कोटा मंडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न मंडलों एवं जोनों में समय-समय पर सुरक्षा संबंधी गंभीर दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे रेल कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
प्रदर्शन में यूनियन के कोषाध्यक्ष इरशाद खान समेत बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें
दरा-कवलपुरा दुर्घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई हो।
सभी मंडलों एवं जोनों में कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
नियमित सुरक्षा ऑडिट, जोखिम मूल्यांकन और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू हो।
भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसका प्रभावी क्रियान्वयन हो।
कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक संसाधन और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
यूनियन ने रेलवे बोर्ड से इस गंभीर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कर्मचारियों की जान को खतरा न हो।













