आईएमडी ने फिर घटाया मानसून का अनुमान, सामान्य से कम बारिश के संकेत

नई दिल्ली। देश में इस वर्ष मानसून को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लगातार दूसरी बार सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में मौसमी वर्षा के अनुमान को और घटा दिया है।
इससे पहले 13 अप्रैल को जारी पहले पूर्वानुमान में भी आईएमडी ने कमजोर मानसून के संकेत दिए थे। उस समय देश में सीजन के दौरान करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया था। जबकि वर्ष 1971 से 2020 के बीच देश में मानसूनी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर रहा है।
अप्रैल में आईएमडी के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्र ने बताया था कि पूरे देश में मौसमी वर्षा एलपीए के 92 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें 5 प्रतिशत तक की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, ताजा आंकड़ों के आधार पर विभाग ने अपने अनुमान को घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया है।
मौसम विभाग के इस संशोधित पूर्वानुमान से कृषि क्षेत्र, जल संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है तो कई राज्यों में खेती और जल उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।













