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हेमंत सोरेन को बड़ा झटका, डिस्‍चार्ज याचिका खारिज

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन के कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा झटका लगा है. स्पेशल पीएमएलए यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट कोर्ट ने उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब आदेश सुना दिया है. इस फैसले से आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है.

इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है. हेमंत सोरेन की दलील क्या थी? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दायर की थी. याचिका में उन्होंने खुद को बेगुनाह बताया और मामले से बरी किए जाने की मांग की. उन्होंने तर्क दिया कि उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं और इसलिए उन्हें कार्यवाही से मुक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी. 8.86 एकड़ जमीन घोटाले का मामला क्या है? यह मामला रांची में 8.86 एकड़ जमीन पर कथित अवैध कब्जे और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है. आरोप है कि मालिकाना हक के दस्तावेजों में हेरफेर करके जमीन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची गई थी. मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला माना और कई स्तरों पर जांच शुरू की. जांच के दौरान कई जगहों पर छापेमारी की गई, दस्तावेज जब्त किए गए और पूछताछ के लिए कई लोगों को समन जारी किए गए.

 

अपनी जांच पूरी करने के बाद ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत लगभग 18 आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में कई जमीन के डीलरों और अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसी का दावा है कि जमीन से जुड़े कथित फ्रॉड और उससे हासिल की गई संपत्ति के लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं. स्पेशल कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद अब इस मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. कोर्ट उन खास कानूनी धाराओं को तय करेगा जिनके तहत आरोपियों पर मुकदमा चलेगा. आरोप तय होने के बाद नियमित सुनवाई शुरू होगी और अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों कोर्ट के सामने अपने-अपने सबूत पेश करेंगे.

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