मध्य प्रदेशसिंगरौली

प्राइवेट दुकानों में डीएपी, बीज और कीटनाशकों की जांच की मांग

अखिल भारतीय किसान सभा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नकली खाद-बीज की बिक्री पर जताई चिंता

सिंगरौली। जिले में निजी दुकानों पर खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाओं की बिक्री को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यापक जांच की मांग की है। किसान सभा का आरोप है कि जिले की कई निजी दुकानों में करीब 1,400 रुपये प्रति बोरी की दर से डीएपी खाद किसानों को बेची जा रही है, जबकि कई दुकानों के पास स्टॉक उपलब्ध होने अथवा सरकारी अभिलेखों में डीएपी दर्ज होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

किसान सभा के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने ज्ञापन में कहा है कि यदि बिना वैध स्टॉक के किसानों को डीएपी उपलब्ध कराई जा रही है, तो इसकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि खाद किस कंपनी से और किन माध्यमों से दुकानों तक पहुंच रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नकली डीएपी की बिक्री हो रही है तो इससे किसानों की फसल, भूमि की उर्वरता और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जिले की निजी दुकानों पर बिक रहे बीज एवं कीटनाशक दवाओं की भी गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।

अखिल भारतीय किसान सभा ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा जांच की जानकारी संगठन को भी उपलब्ध कराने की मांग की है। किसान सभा का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए खाद, बीज और कीटनाशकों की बिक्री में पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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