कांग्रेस का बड़ा आरोप- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने में भाजपा-चुनाव आयोग की मिलीभगत

नई दिल्ली: कांग्रेस ने शुक्रवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के पीछे दोनों की मिलीभगत थी। कांग्रेस ने एक बयान में दावा किया कि भाजपा के पास तीसरी सीट जीतने के लिए जरूरी बहुमत नहीं था, इसलिए उसने विपक्षी उम्मीदवार को मुकाबले से बाहर करने के लिए “गलत हथकंडों” का सहारा लिया।
पार्टी के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर ने नटराजन का नामांकन बेबुनियाद आधार पर खारिज किया। कांग्रेस ने तर्क दिया कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस मामले का हवाला दिया, वह महज एक निजी शिकायत से जुड़ा कानूनी नोटिस था। नियमों (फॉर्म 26) के तहत उम्मीदवारों को केवल उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है जिनमें आरोप तय हुए हों या अदालत ने संज्ञान लिया हो, जो इस मामले में नहीं हुआ था।
चुनाव आयोग पर दोहरे मापदंड का आरोप:
कांग्रेस ने झारखंड से राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी के मामले का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि नथवानी के हलफनामे में नाम के अंतर और अधूरी जानकारियों जैसी कई बड़ी कमियाँ होने के बावजूद उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि मध्य प्रदेश में नियमों की गलत व्याख्या करके सीट चोरी की गई।













