NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक का मामला कोर्ट पहुंचा, दिल्ली हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग

नई दिल्ली। नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। टेलीग्राम ने सरकार के ब्लॉकिंग आदेश को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की है।
कंपनी ने अपनी याचिका में कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत जारी आदेश एकतरफा, मनमाना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। टेलीग्राम का तर्क है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के नाम पर पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना लाखों वैध उपयोगकर्ताओं के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
दरअसल, आगामी नीट यूजी री-एग्जाम को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगा दी थी। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि पेपर लीक गिरोह और साइबर ठग टेलीग्राम के चैनल एवं मैसेज एडिटिंग फीचर का इस्तेमाल कर फर्जी प्रश्नपत्र प्रसारित कर सकते हैं, जिससे अभ्यर्थियों को गुमराह किए जाने का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार का मानना था कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। वहीं टेलीग्राम का कहना है कि संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लक्षित कार्रवाई की जा सकती थी।
अब इस मामले में निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि 22 जून तक लागू प्रतिबंध जारी रहेगा या टेलीग्राम को अंतरिम राहत मिलती है। यह मामला परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी बहस का रूप ले सकता है।













