बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

ग्रामीण महिलाओं के हुनर को मिलेगी नई पहचान, अदाणी फाउंडेशन की पहल

राजमिलान में निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ, आत्मनिर्भरता का नया अवसर

सिंगरौली: स्थानीय ग्रामीण महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन द्वारा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत राजमिलान क्षेत्र में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कुशल ट्रेनर के द्वारा 30 महिलाओं को सिलाई एवं परिधान निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
इसी क्रम में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से विकासखंड माड़ा की जीयर ग्राम पंचायत में भी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के स्किल डेवलपमेंट सेंटर तथा अदाणी फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं एवं युवतियों को कौशल आधारित आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

कार्यक्रम में अदाणी फाउंडेशन के थर्मल सीएसआर हेड गोपाल जी देवड़ा, महान एनर्जेन लिमिटेड के सीएसआर हेड मनोज प्रभाकर, सीएसआर टीम के विकास सिंह, खुशी सेवा समिति की अध्यक्ष कुसुम शाह तथा अमन वर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने अदाणी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन को नई गति मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने, आत्मनिर्भर बनने तथा अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐसे विकासोन्मुखी कार्यक्रमों का निरंतर संचालन किया जाता रहेगा। गौरतलब है कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा बंधौरा स्थित पावर प्लांट, धिरौली और सुलियारी खदानों के आसपास के गांवों में स्वरोजगार के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सैकड़ों महिलाएं अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत मशरूम की खेती, सिलाई, सिक्की आर्ट, जैविक खेती, बायोगैस प्लांट, शहद उत्पादन एवं वॉशिंग पाउडर उत्पादन इकाइयों को सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।

Author

Related Articles

Back to top button