भोपाल के बड़े तालाब पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: एफटीएल क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउस और बंगले तोड़े जा रहे, 296 निर्माण निशाने पर

भोपाल। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में बने अवैध फार्म हाउस, बंगले और अन्य निर्माणों पर जेसीबी चलाकर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में प्रस्तुत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (एटीआर) के बाद शुरू की गई है। रिपोर्ट में एफटीएल क्षेत्र में चिन्हित 21 अवैध निर्माणों को हटाने का उल्लेख किया गया था। अभियान की शुरुआत गौरागांव और बिशनखेड़ी क्षेत्र से की गई, जहां नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटाए गए।
प्रशासन के अनुसार, 5 फरवरी से चल रहे सीमांकन अभियान में अब तक बड़े तालाब के आसपास 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 51 छोटे अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि 296 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई बाकी है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि 18 निर्माण वर्ष 2022 के बाद किए गए हैं। सेवनिया गौंड, प्रेमपुरा, भदभदा और सूरजनगर क्षेत्र के कई फार्म हाउस और रिसॉर्ट भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में हैं।
जांच के दौरान तालाब की सीमा निर्धारित करने वाली मुनारों में भी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों को मौके पर पांच प्रकार की मुनारें मिलीं, जिनमें केवल एक पर ही बीएमसी (BMC) अंकित था। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी मुनारों के माध्यम से भू-माफियाओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री कर अवैध निर्माण कराए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और बड़े तालाब की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।













