राम मंदिर चंदा विवाद पर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान: 2 अक्टूबर से उज्जैन-अयोध्या पदयात्रा, अदालत का भी लेंगे सहारा

उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। इसी मांग को लेकर वे 2 अक्टूबर से उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से अयोध्या राम जन्मभूमि तक पदयात्रा करेंगे। साथ ही मामले में अदालत का दरवाजा भी खटखटाने की घोषणा की है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पदयात्रा गैर-राजनीतिक होगी और इसमें किसी भी दल की राजनीति या सोशल मीडिया का उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वे अपने द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे की रसीद और चेक की प्रति भी साथ रखेंगे तथा अन्य दानदाताओं को भी इस अभियान में शामिल होने का आह्वान करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का योगदान दिया था और इसके दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि 5 या 6 जुलाई को अपने अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद अयोध्या की अदालत में वाद दायर करेंगे। उनका कहना है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो वे अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक न्यास को दान कर देंगे।
दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक चंदे और गुरुदक्षिणा के उपयोग का विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस मुद्दे को लेकर भोपाल में महिला कांग्रेस द्वारा सामूहिक उपवास और सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।













