नवानगर पुलिस द्वारा साइबर घटनाओं को लेकर निरंतर चलाया जा रहा जन जागरूकता अभियान, महाप्रबंधक कार्यालय निगाही में हुआ साइबर जागरूकता का आयोजन

सिंगरौली- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक 2.0 के अंतर्गत प्रदेशभर में आमजन, विद्यार्थियों एवं युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा रेंज हेमंत चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली षियाज के.एम. के नेतृत्व में नवानगर टीआई अनिल पटेल के मार्गदर्शन में नवानगर क्षेत्र के महा प्रबंधक कार्यालय निगाही में विशेष साइबर जागरूकता अभियान का कार्यक्रम चलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान नवानगर थाना प्रभारी अनिल पटेल ने लोगों से संवाद करते हुये लोगों को सहज करते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, सोशल मीडिया का उपयोग यदि सही उद्देश्य और उपयोगिता के लिए किया जाए तो यह अच्छा माध्यम है, लेकिन हर सुविधा के साथ खतरे भी जुड़े होते हैं। इसलिए डिजिटल दुनिया में जागरूकता, सावधानी और सही निर्णय बहुत जरूरी है।
फ्री में कुछ नहीं मिलता
नवानगर थाना प्रभारी ने साइबर सुरक्षा का पहला मंत्र देते हुए कहा कि फ्री में कुछ भी नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप पर फर्जी ऑफर लिंक, फ्री गेम, डबल पैसा कमाने का लालच, गूगल सर्च में दिखाई देने वाले संदिग्ध लिंक, टेलीग्राम एप के माध्यम से निवेश और कमाई के झांसे, फ्री मूवी डाउनलोड लिंक, घर बैठे काम करने के नाम पर ठगी तथा कम दाम में सामान खरीदने के ऑफर आज साइबर अपराधियों के प्रमुख हथियार बन चुके हैं। शुरुआत में ठग व्यक्ति का विश्वास जीतते हैं, छोटा लाभ दिखाते हैं और बाद में बड़ी राशि फंसा देते हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड से बचें
नवानगर थाना प्रभारी ने बताया कि आज साइबर फ्रॉड में कोई भी व्यक्ति फंस सकता है। पढ़े-लिखे लोग भी इन ठगी के तरीकों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय को समझाया गया कि ऑनलाइन दिखने वाला प्रॉफिट हमेशा वास्तविक नहीं होता, कई बार वह केवल भरोसा जीतने का जाल होता है। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट, फेक पुलिस कॉल और डर दिखाकर ठगी करने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। श्री पटेल ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार स्वयं को पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या अन्य अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं।
ब्लैकमेलरो से रहे सावधान
उन्होंने लोगों से कहा कि यदि कोई ब्लैकमेल करे, डराए या पैसे मांगे तो तुरंत पुलिस को बताएं। श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधी डर और शर्म का फायदा उठाते हैं, इसलिए घबराना नहीं है, गलत कदम नहीं उठाना है और तत्काल सहायता लेनी है।
पुलिस ने समझाया कि फ्री मूवी, अनजान लिंक, स्क्रीन शेयरिंग एप और संदिग्ध एप के कारण मोबाइल की जानकारी चोरी हो सकती है। इसलिए किसी भी अनजान एप को डाउनलोड न करें, किसी भी लिंक पर बिना सोचे क्लिक न करें और मोबाइल में अनुमति देते समय सावधानी रखें।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी लालच में नहीं आना चाहिए। साइबर अपराधी दो गुना, तीन गुना पैसा, जल्दी लाभ, गारंटी प्रॉफिट और सुरक्षित निवेश जैसे शब्दों से लोगों को फंसाते हैं। वास्तविक निवेश हमेशा नियमों, पंजीकृत प्लेटफॉर्म और समझदारी के साथ ही किया जाना चाहिए। अनजान लिंक, टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप एडमिन या फर्जी ट्रेडिंग एप पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
ओटीपी या पासवर्ड किसी को ना दें
कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि ओटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, आधार संबंधी जानकारी या कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। फर्जी कस्टमर केयर नंबर, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, फर्जी नौकरी, लोन एप, गेमिंग फ्रॉड, इंस्टाग्राम-फेसबुक फेक प्रोफाइल, डीपफेक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। पुलिस ने सरल भाषा में कहा कि साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा नियम है — रुकें, सोचें, जांचें और फिर क्लिक करें। अंत में लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। लोगो ने संकल्प लिया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे,ओटीपी-पासवर्ड किसी से साझा नहीं करेंगे, ऑनलाइन लालच में नहीं आएंगे, किसी भी साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में चुप नहीं रहेंगे और तत्काल पुलिस को जानकारी देंगे।
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि जिले में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचे। जागरूक व्यक्ति ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव हैं और यही जागरूकता आने वाले समय में इतिहास बनाएगी। पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें ।













