सरकारी अस्पताल छोड़ सरकारी आवास में इलाज का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
निवास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक पर मरीजों से शुल्क लेने और निजी दवाएं लिखने के आरोप, सीएमएचओ ने जांच के दिए निर्देश

सिंगरौली। जिले के निवास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां पदस्थ चिकित्सक डॉ. केशव सिंह पर आरोप है कि वे अस्पताल की बजाय अपने शासकीय आवास से मरीजों का इलाज कर रहे थे। इतना ही नहीं, मरीजों से इलाज के नाम पर शुल्क लेने तथा सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्थान पर निजी मेडिकल दुकानों से दवाइयां खरीदने के लिए पर्ची लिखने के भी आरोप लगाए गए हैं। मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो शनिवार दोपहर का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि जिस समय डॉक्टर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में मरीजों का उपचार करना चाहिए था, उस समय वे अपने सरकारी आवास पर मरीजों को देख रहे थे। वीडियो में कुछ ग्रामीण डॉक्टर से इस संबंध में सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। वहीं, कमरे में दवाइयां भी रखी दिखाई दे रही हैं। बातचीत के बाद डॉक्टर अपने आवास से निकलकर अस्पताल की ओर जाते हुए भी दिखाई देते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों से इलाज के लिए शुल्क लिया जाता है और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने के लिए पर्चियां लिखी जाती हैं। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।
सीएमएचओ बोले— कराई जाएगी जांच
मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पुष्पराज सिंह ने कहा कि संभव है अस्पताल भवन की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण चिकित्सक शासकीय आवास से मरीजों को देख रहे हों। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि ऐसी शिकायतें सामने आई हैं तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।













