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बलिया नाला प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, ₹63 लाख पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और ₹25 लाख बैंक गारंटी जब्ती का प्रस्ताव

सिंगरौली। बलिया नाला में वर्षा के बाद दोबारा कोयला युक्त दूषित पानी के प्रवाह की शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी गौरव बैनल के निर्देश पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तत्काल जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद संबंधित खदान प्रबंधन पर करीब ₹63 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने और ₹25 लाख की बैंक गारंटी जब्त करने का प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि दुधीचुआ कोयला खदान से निकलने वाले कोयला युक्त दूषित जल के प्रभावी नियंत्रण और उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रदूषित पानी बलिया नाला में पहुंचा। साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों और स्वीकृत समयबद्ध कार्ययोजना का पालन नहीं किया गया तथा बोर्ड की सहमति (कंसेंट) की शर्तों का भी उल्लंघन पाया गया।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ₹25 लाख की बैंक गारंटी जब्त करने, लगभग ₹63 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा है।

कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट किया कि जिले में पर्यावरण प्रदूषण और जल स्रोतों को दूषित करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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