भारत का पाकिस्तान को दोटूक जवाब, आतंकवाद पर रुख से पीछे हटने का सवाल नहीं
भारत-जापान संयुक्त बयान पर पाकिस्तान की आपत्ति खारिज, विदेश मंत्रालय बोला— सीमा पार आतंकवाद पर हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट

नई दिल्ली। भारत ने भारत-जापान संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद के उल्लेख पर पाकिस्तान की आपत्ति को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर उसका रुख पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त बयान स्वयं स्पष्ट है और इसमें भारत तथा जापान के साझा दृष्टिकोण को अभिव्यक्त किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की गई थी। इसमें पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद का उल्लेख करते हुए पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की गई तथा दोषियों, साजिशकर्ताओं और वित्तीय मददगारों को न्याय के कटघरे में लाने पर जोर दिया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संयुक्त बयान में किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें दोनों देशों के साझा विचार स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। बयान में अल-कायदा, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता भी दोहराई गई है।
पाकिस्तान की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं है। वहीं पहलगाम आतंकी हमले की जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को संरक्षण देता रहा है। भारत ने दोहराया कि अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।













