पहली बारिश में बह गए 30 लाख के दो चेकडैम, बेलगांव में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, कलेक्टर से उच्चस्तरीय जांच, रिकवरी और एफआईआर की मांग

सिंगरौली। जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत बेलगांव में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित दो चेकडैम पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2026 में हाड़ाहिया नाला पर करीब 15-15 लाख रुपये की लागत से दो चेकडैम बनाए गए थे। लेकिन निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद पहली बारिश में दोनों चेकडैम क्षतिग्रस्त होकर बह गए। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद जल संरक्षण की योजना धरातल पर टिक नहीं सकी।
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी प्राक्कलन, माप पुस्तिका (एमबी), गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, बिल, वाउचर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही तत्कालीन सरपंच सुरेंद्र सिंह, पंचायत सचिव शिवराज सिंह, रोजगार सहायक जगजीवन जायसवाल तथा उस समय पदस्थ सहायक यंत्री एवं उपयंत्री की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता और लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से शासकीय राशि की रिकवरी की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए तथा उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। इसके अलावा निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान भी शीघ्र कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई तो सरकारी धन के दुरुपयोग और जनहित के मुद्दे पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













