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नीट विवाद पर छात्रों को मिला अन्ना हजारे का साथ, गांधी स्मारक पर करेंगे मौन आंदोलन

पीएम मोदी को पत्र लिखकर पुलिस कार्रवाई पर जताई चिंता, बोले- संवाद से ही निकलेगा समाधान

नई दिल्ली। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन मिल गया है। अन्ना हजारे ने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टकराव की जगह संवाद सबसे बेहतर रास्ता है।

अन्ना हजारे के सहयोगियों के अनुसार, वह गुरुवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पहुंचकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर मौन आंदोलन में शामिल होंगे।

पुलिस कार्रवाई को बताया दुखद, संवाद पर दिया जोर

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अन्ना हजारे ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और अत्यधिक बल प्रयोग से बचना चाहिए। छात्रों की मांगों को केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे युवाओं की वास्तविक चिंताओं के रूप में देखा जाना चाहिए।

जवाबदेही तय करने से सरकार कमजोर नहीं होती

अन्ना हजारे ने कहा कि किसी मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए यदि किसी मंत्री से इस्तीफा लिया जाता है तो इससे सरकार कमजोर नहीं होती, बल्कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। उन्होंने कहा कि इससे अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को भी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रहने का संदेश मिलता है।

पेपर लीक और बेरोजगारी को बताया युवाओं की बड़ी चिंता

गांधीवादी विचारक ने परीक्षा पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को सिर्फ प्रशासनिक समस्या मानना सही नहीं होगा, क्योंकि यह देश के युवाओं में बढ़ते असंतोष का संकेत है।

उन्होंने कहा कि अक्सर घोटालों की जिम्मेदारी निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल दी जाती है, जबकि वास्तविक जवाबदेही उच्च पदों पर बैठे लोगों की भी तय होनी चाहिए।

नीट विवाद को लेकर छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। अन्ना हजारे के समर्थन के बाद इस आंदोलन को नया बल मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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