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हैदराबादी घोड़ों की मौत का मामला: जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- किसे और कब बेचे गए घोड़े?

जबलपुर। हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केयरटेकर से जवाब मांगा है कि बाकी बचे घोड़े किसे और कब बेचे गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह याचिका पशु प्रेमी सिमरन इस्सर द्वारा दायर की गई है। आरोप है कि वर्ष 2025 में हैदराबाद से 57 घोड़े जबलपुर के पनागर के रैपुरा लाकर एक डेयरी फार्म में रखे गए थे, जिसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी गई थी। देखभाल में लापरवाही के कारण इनमें से 19 घोड़ों की मौत हो गई। याचिका में दावा किया गया कि हैदराबाद में बड़ी संख्या में घोड़ों की मौत के साक्ष्य छिपाने के लिए इन्हें जबलपुर भेजा गया था।

कोर्ट में हुआ निरीक्षण और रिपोर्ट पेश
शुक्रवार को हुई सुनवाई में सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि तीन पशु चिकित्सकों और याचिकाकर्ता ने फार्म हाउस का निरीक्षण किया, जहां डेयरी का संचालन होना पाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान केयरटेकर सचिन तिवारी ने कोर्ट को बताया कि 57 में से 19 घोड़ों की मौत के बाद बचे हुए घोड़ों में से 22 बेच दिए गए हैं और 3 नए खरीदे गए हैं, जिससे अब उसके पास 19 घोड़े हैं।

हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचे हुए घोड़ों की बिक्री से जुड़ी पूरी जानकारी, यानी वे किसे और कब बेचे गए, कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई में इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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