संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर वाराणसी से आई पावन माटी कलश यात्रा का सिंगरौली में ऐतिहासिक स्वागत

सिंगरौली- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के शुभारंभ के अवसर पर उनके जन्मस्थल सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से संत-महात्माओं द्वारा पूजित पावन माटी कलश यात्रा का सिंगरौली जिले में भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से निकली इस यात्रा के स्वागत के लिए जिलेभर में हजारों श्रद्धालु एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार के नेतृत्व में पहुँची इस पावन कलश यात्रा का उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा स्थित दुद्धिचुआ बॉर्डर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय, जनपद अध्यक्षों सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं की विशेष उपस्थिति रही।
दुद्धिचुआ से प्रारंभ होकर यह पावन यात्रा जयंत तिराहा, निगाही मोड़, नवानगर, माजन मोड़, परसौना, कचनी, बरगवां, करथुआ और जियावन सहित जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई सीधी जिले की ओर रवाना हुई। यात्रा मार्ग के प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा भाजपा के विभिन्न मोर्चों एवं प्रकोष्ठों द्वारा पुष्पवर्षा कर कलश का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर संत रविदास जी महाराज की प्रतिमा का पूजन-अर्चन भी किया गया। संत रविदास जी के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और समरसता के संदेश से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
इस अवसर पर मीडिया से संवाद करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज ने अपने जीवन और वाणी से समाज को समानता, समरसता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाया। यह पावन माटी कलश यात्रा उनके दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक प्रेरणादायी माध्यम है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
श्रद्धालुओं एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ पावन कलश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सिंगरौली जिले में आत्मीय स्वागत और व्यापक जनसहभागिता के बाद पावन माटी कलश यात्रा अगले पड़ाव के लिए सीधी जिले की ओर रवाना हो गई।













