रेपो रेट में फिर नहीं हुआ बदलाव: आरबीआई ने 5.25% पर रखा स्थिर, जीडीपी ग्रोथ बढ़ाई, महंगाई पर जताई चिंता

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लगातार दूसरी बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। 3 से 5 अगस्त तक चली एमपीसी बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह घोषणा की। साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि पहले यह 6.6 प्रतिशत था।
आरबीआई ने कहा कि खुदरा महंगाई दर फिलहाल निर्धारित लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी प्रमुख वजह है, जबकि कोर महंगाई अभी नियंत्रित स्तर पर है। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे नरम पड़ सकती है।
चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 प्रतिशत रखा गया है, जो पहले के अनुमान से 0.10 प्रतिशत कम है। तिमाही आधार पर पहली तिमाही में 5.3%, दूसरी में 4.7%, तीसरी में 5.9% और चौथी में 5.5% महंगाई रहने का अनुमान जताया गया है।
आरबीआई के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है। निजी खपत, बेहतर कॉरपोरेट नतीजों और विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। हालांकि वैश्विक व्यापार नीति, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे की चुनौतियां बने हुए हैं।
गवर्नर ने चेतावनी दी कि अल नीनो का प्रभाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता महंगाई के लिए प्रमुख जोखिम हैं। यदि खाद्य और ईंधन की लागत बढ़ती रही तो इसका असर अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आरबीआई ने फिलहाल सतर्क रुख अपनाते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।













