संसद में विपक्ष का हंगामा: पीएम और गृह मंत्री से जवाब की मांग, सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति और विभिन्न मुद्दों पर जवाब देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संसद परिसर और प्रेरणा स्थल पर विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए सरकार पर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही संबंधित मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है। उनका आरोप था कि विपक्ष लगातार गृह मंत्री से छात्रों पर कथित गोलीबारी और अत्याचार सहित अन्य मामलों पर बयान की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पर्याप्त बहस के बिना विधेयक पारित कराना चाहती है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में उपस्थित न रहकर अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को सदन में आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के बटाला पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर संसद में व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि विपक्ष की मांग पहले जैसी ही है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में आकर जवाब दें। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
आरएसपी सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने छात्र आंदोलनों, नीट पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इन मामलों में सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।













