पुस्तैनी शासकीय आम रास्ते पर अवैध कब्जे से ग्रामीण परेशान
सीमांकन के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण, हजारों लोगों का आवागमन बाधित; जियावन थाने पहुंचे ग्रामीण

सिंगरौली। देवसर तहसील अंतर्गत ग्राम कुर्सा के मैरहवा टोला में पुस्तैनी शासकीय आम रास्ते पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। दर्जनों ग्रामीणों ने जियावन थाने पहुंचकर आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि सीमांकन के बाद भी कुछ लोगों ने शासकीय सड़क की भूमि पर धान की रोपाई कर रास्ता बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने और संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम कुर्सा स्थित आराजी नंबर 1434 शासकीय सड़क के रूप में दर्ज है। इस भूमि का 7 जुलाई 2026 को तहसीलदार देवसर की मौजूदगी में राजस्व अमले द्वारा सीमांकन कराया गया था। सीमांकन के दौरान संबंधित पक्षों को शासकीय भूमि पर कब्जा नहीं करने की हिदायत भी दी गई थी। इसके बावजूद 3 अगस्त को खेत की जोताई और 4 अगस्त को धान की रोपाई कर आम रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब पांच वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक न तो प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही स्थायी समाधान निकल सका। उनका आरोप है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने से हजारों लोगों का दैनिक आवागमन प्रभावित हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पा रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा और जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शासकीय सड़क को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा ग्रामीणों के लिए वर्षों से उपयोग में रहे आम रास्ते को शीघ्र बहाल किया जाए।











