रेलवे के पानी में मिला ई-कोलाई बैक्टीरिया, कैग रिपोर्ट ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई रेलवे स्टेशनों के वाटर कूलर के पानी में इंसानी मल में पाए जाने वाला खतरनाक ई-कोलाई (E.coli) बैक्टीरिया मिला है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी रेलवे के कोयंबटूर और पलक्कड़, दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद, मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला सहित कई स्टेशनों के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2022-23 में आठ जोन के करीब 49 स्टेशनों और 2023-24 में 56 स्टेशनों के पानी में भी यह बैक्टीरिया पाया गया था। कैग ने 512 रेलवे स्टेशनों का ऑडिट किया, जिसमें 458 स्टेशन रेलवे बोर्ड के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
नई दिल्ली और हावड़ा जैसे बड़े स्टेशन भी सवालों के घेरे में
कैग रिपोर्ट में देश के प्रमुख स्टेशनों नई दिल्ली, हावड़ा, सियालदह, मुंबई सेंट्रल और सीएसएमटी में भी यात्री सुविधाओं की कमी बताई गई है। कई स्थानों पर साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, वॉटर कूलर, पंखे, साइन बोर्ड और अन्य मूलभूत सुविधाओं में कमियां मिलीं।
कैग ने रेलवे बोर्ड को पानी की नियमित जांच, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के बाद रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।













