लाल किले से मोदी का नया रिकॉर्ड, 13वीं बार लगातार तिरंगा फहराया

नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में स्वतंत्रता दिवस पर उनके ध्वजारोहण की संख्या 25 हो गई। मोदी ने लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन देकर भी एक नया राजनीतिक रिकॉर्ड दर्ज किया।
नरेंद्र मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री रहते हुए 2002 से 2013 तक उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद 15 अगस्त को लाल किले से लगातार ध्वजारोहण कर रहे हैं। इस तरह मुख्यमंत्री के रूप में 12 और प्रधानमंत्री के रूप में 13 बार ध्वजारोहण को मिलाकर यह संख्या 25 तक पहुंच गई।
लाल किले से बदलता रहा भाषण का फोकस
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में समय के साथ सरकार की प्राथमिकताओं में बदलाव दिखाई देता है। 2014 में स्वच्छ भारत और स्वच्छता पर जोर रहा, जबकि बाद के वर्षों में जल, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप, महिला सशक्तीकरण और युवाओं जैसे विषय प्रमुख रहे।
2026 के संबोधन में विकसित भारत-2047, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी क्षमता, युवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयास की बात कही।
मोदी लगातार 13 स्वतंत्रता दिवस भाषण देने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने हैं। इस मामले में जवाहरलाल नेहरू सबसे आगे हैं। मोदी ने लगातार संबोधन के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है।
25 साल से अधिक की प्रशासनिक यात्रा
मोदी की प्रशासनिक यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला और तब से लगातार इस पद पर हैं। 2026 में उनकी राजनीतिक यात्रा 25 वर्ष से अधिक की हो चुकी है।
इस लिहाज से 15 अगस्त 2026 उनके लिए दो महत्वपूर्ण पड़ाव लेकर आया—स्वतंत्रता दिवस पर शासन प्रमुख के रूप में 25वीं बार तिरंगा फहराना और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 13वां संबोधन। अब उनके सामने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की बड़ी चुनौती है।













