राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट
एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट में दोनों के नाम आरोपी सूची में नहीं, पहले गिरफ्तार 8 लोगों को बनाया गया आरोपी

लखनऊ, 18 अगस्त। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही पहली एसआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को मामले में दोषी नहीं पाया गया है। दोनों के नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट में केवल उन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिन्हें मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती जांच रिपोर्ट में भी चंपत राय को क्लीन चिट दी गई थी। अनिल मिश्रा पर दान की गणना के दौरान निगरानी में लापरवाही का उल्लेख था, लेकिन उन्हें सीधे आरोपी नहीं बनाया गया था।
रिपोर्ट में दान की गणना के दौरान बैंक और ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था में कुछ कमियों और चूकों का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित हुई थी पहली एसआईटी
पहली एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 13 जून को किया गया था। इसकी अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की थी। टीम ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद 25 जून को अयोध्या में एफआईआर दर्ज की गई। मामले की आगे की जांच दूसरी एसआईटी द्वारा की जा रही है।













