पंजाब में सियासी घमासान तेज, भगवंत मान की पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर NHRC का नोटिस

चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर लगे 5 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने राजनीतिक विवाद को तूल दे दिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मामले में संज्ञान लेने के बाद विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगे 5 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर हैं कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी से दो सप्ताह में मांगी गई कार्रवाई की रिपोर्ट पर नजर रखने की बात कही। हरसिमरत ने कहा कि वह 5 सितंबर को आम आदमी पार्टी से इस मामले में फिर सवाल करेंगी।
दरअसल, NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के अधिकारियों को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग की सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले पर संज्ञान लिया है।
आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करने तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायत में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के कथित सार्वजनिक बयान का हवाला दिया गया है, जिसमें दुष्कर्म के एक मामले में 5 करोड़ रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी ने दावा किया कि मामले में मुख्यमंत्री की पत्नी की कथित भूमिका की जांच जरूरी है।
NHRC के समक्ष शिकायत में पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय के अधिकार को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई गई है। साथ ही आरोपों की स्वतंत्र जांच, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।













