निगाही के बाद जयंत कोल माइंस में भरा पानी, सुरक्षा और रखरखाव पर उठे सवाल
करोड़ों के रखरखाव बजट के बावजूद खदानों में जलभराव, जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

सिंगरौली। जिले की कोयला खदानों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। निगाही कोल माइंस के बाद अब एनसीएल के जयंत प्रोजेक्ट की कोयला खदान में भी पानी भरने की घटना सामने आई है। रविवार सुबह तेज बारिश के बाद पानी के तेज बहाव में दो कैंपर वाहन फंस गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दोनों वाहन कुछ ही देर में डूबने की स्थिति में पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खदान क्षेत्र में पानी का बहाव काफी तेज था। दोनों कैंपर वाहनों के चालक किसी तरह वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खदान के अंदर तेज बहाव के बीच दोनों वाहन फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं।एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी राम विजय सिंह ने बताया कि दोनों वाहनों में चालकों के अलावा कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि संभवतः चालकों को पानी के बहाव की स्थिति का सही अनुमान नहीं रहा, जिसके कारण वाहन तेज बहाव वाले क्षेत्र में पहुंच गए। घटना के बाद वाहनों और चालकों की स्थिति की जानकारी ली गई, जिसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि इस घटना के बाद खदानों में बारिश पूर्व तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एनसीएल के सभी प्रोजेक्टों में खदानों के रखरखाव, जल निकासी व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान खदानों में पानी भरने की घटनाएं प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि खदानों के रखरखाव के नाम पर होने वाले खर्च की वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी है। यदि जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरती गई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एनसीएल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों वाहन तेज बहाव वाले क्षेत्र में कैसे पहुंचे और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। वहीं, क्षेत्र के लोगों और कर्मचारियों में यह चर्चा भी तेज है कि आखिर करोड़ों रुपये के रखरखाव बजट के बावजूद ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।













