ईरान से कारोबार पर अमेरिका का शिकंजा, 4 भारतीय कंपनियां प्रतिबंधित

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल कारोबार से कथित संबंधों को लेकर चार भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई ईरान की सैन्य गतिविधियों, खरीद नेटवर्क और पेट्रोलियम कारोबार को निशाना बनाने वाले ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई है।
प्रतिबंधों के दायरे में पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी, सदाशिवा ओवरसीज लिमिटेड, पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि इन कंपनियों ने ईरानी मूल के पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात और कारोबार में भूमिका निभाई।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सदाशिवा ओवरसीज ने फरवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 6.9 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया। वहीं पीपी सॉफ्टटेक पर जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 2.5 करोड़ डॉलर के उत्पाद आयात करने का आरोप है।
प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स पर मई 2023 से फरवरी 2026 के बीच करीब 2.5 करोड़ डॉलर के ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का आरोप लगाया गया है। पोर्टईज पार्टनर्स पर भी ईरान से भारत में पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खेप पहुंचाने में मदद करने का आरोप है।
अमेरिका का कहना है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के पेट्रोलियम राजस्व पर अंकुश लगाना और उसकी सैन्य एवं खरीद गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क को कमजोर करना है। कंपनियों की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













