‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी: नशा मुक्त युवा-विकसित भारत अभियान बन रहा जन-आंदोलन, नारी शक्ति और नवाचार को सराहा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं के स्वास्थ्य, ऐतिहासिक नवाचार, राष्ट्रीय पर्वों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
नशा-मुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत अभियान’ आज पूरे देश में तेजी से जोर पकड़ रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नशा-मुक्त युवा और नशा-मुक्त भारत का निर्माण करना है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश के युवा बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं, जो युवाओं की बेहतर सेहत, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
इतिहास को तकनीक से जोड़ने वाले नवाचार की तारीफ
पीएम मोदी ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि द्वारा विकसित एक विशेष वेबसाइट का उल्लेख करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट के माध्यम से लोग किसी भी वर्ष का चयन कर यह जान सकते हैं कि उस कालखंड में भारत के किस भूभाग पर किसका शासन था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नवाचार न केवल इतिहास के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है, बल्कि आम नागरिकों को भी रोचक तरीके से इतिहास समझने में मदद करेगा।
तिरंगा अभियान और राष्ट्रीय दिवसों का गौरव
अगस्त माह के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महीना राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस जैसे गर्व भरे अवसरों का साक्षी रहा है। उन्होंने बताया कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पर 8 करोड़ से अधिक सेल्फी अपलोड की गईं। साथ ही, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ इस वर्ष को और अधिक ऐतिहासिक बनाती है।
पीएम स्वनिधि से मजबूत हो रही नारी शक्ति
महिला स्वावलंबन का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के कुल लाभार्थियों में लगभग 46 फीसदी महिलाएं हैं, यानी देश भर में करीब 35 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया, जिन्होंने पूजा सामग्री के छोटे से स्टॉल को पीएम स्वनिधि से मिले वित्तीय संबल के जरिए आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बनाया।













