अनाया बांगर की क्रिकेट में वापसी: बीसीसीआई से नहीं मिला जवाब तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने खोले दरवाजे, प्रीमियर क्रिकेट में खेलेंगी

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर की क्रिकेट के मैदान पर वापसी की राह अब विदेश से खुली है। महिला क्रिकेट में प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर खेलने को लेकर जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब अनाया ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क साधा। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्हें सामुदायिक स्तर पर महिला प्रीमियर क्रिकेट में खेलने की औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है।
बीसीसीआई से नहीं मिला स्पष्ट रुख
अनाया बांगर बचपन से ही मुंबई में उम्र-आधारित और क्लब स्तर पर क्रिकेट खेलती रही हैं। जेंडर ट्रांजिशन (संक्रमण) के बाद उन्होंने महिला क्रिकेट में अपनी पात्रता जानने के लिए बीसीसीआई से संपर्क किया था, ताकि वे अपने खेल करियर को आगे बढ़ा सकें। अनाया का दावा है कि भारतीय बोर्ड की ओर से उन्हें नियमों या पात्रता को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मार्च 2027 तक दी खेलने की अनुमति
भारत से स्पष्टता न मिलने पर अनाया ने जून 2026 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया। ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने नियमों के तहत उन्हें मार्च 2027 तक सामुदायिक व प्रीमियर महिला क्रिकेट में खेलने की स्वीकृति दे दी है। हालांकि, शीर्ष अंतरराष्ट्रीय या राज्य स्तर की महिला प्रतियोगिताओं के लिए आईसीसी और संबंधित बोर्ड के कड़े नियम लागू रहेंगे, लेकिन क्लब स्तर पर खेलने का यह अवसर अनाया के करियर के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की पात्रता पर छिड़ी बहस
अनाया को मिली इस अनुमति ने महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की पात्रता और खेल संगठनों की नीतियों पर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईसीसी द्वारा बनाए गए कड़े प्रतिबंधात्मक नियमों के बीच ऑस्ट्रेलिया द्वारा सामुदायिक स्तर पर दिया गया यह अवसर समावेशिता और खेल भावना का नया उदाहरण पेश करता है। अब अनाया की नजर क्लब क्रिकेट में अपने कौशल और फिटनेस को साबित कर आगे बढ़ने पर टिकी है।













