बायपास मार्ग पर ट्रक की चपेट में आए 8 गौवंशों की मौत,राष्ट्रीय राजमार्ग बना कब्रगाह, 10 दिन में 13 गौंवशों की मौत…

बायपास मार्ग पर ट्रक की चपेट में आए 8 गौवंशों की मौत,राष्ट्रीय राजमार्ग बना कब्रगाह, 10 दिन में 13 गौंवशों की मौत…
सीधी राजू गुप्ता
सीधी-रीवा एनएच-39 मार्ग पर गौवंशों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात करीब 7:30 बजे शहर के बाईपास मार्ग में जिओ पेट्रोल पंप के समीप ओवरब्रिज के पास एक बार फिर 8 बेजुबान गौवंश सडक़ हादसे का शिकार हो गए।
गौरतलब है कि इसी स्थान पर 10 दिन पूर्व भी 5 गौवंशों की दर्दनाक मौत हुई थी। इस तरह महज 10 दिनों के भीतर 13 मासूमों ने सडक़ पर दम तोड़ दिया।
बीते शनिवार को घटी घटना पर स्थानीय लोगों ने दी जहां बिटनरी डॉक्टर टीम को बुलाकर 2 गौ वंशो को बचाया, वहीं 8 गौ-वंश मृत्यु के गाल में समा गए। दृश्य इतना भयावह था कि जब मृत गौवंशों को मिट्टी में दफनाया गया, तो वहां मौजूद हर संवेदनशील व्यक्तियों की आंखें नम हो गईं। यही सवाल गूंजता रहा कि आखिर इन बेजुबानों का जुर्म क्या था।

भाजपा सरकार स्वयं को गौ रक्षक कहती है, तो गौ माता सड़कों पर बेसहारा क्यों हैं : ज्ञान
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर इस मामले में गंभीरता दिखाने की मांग की।
इस दौरान शिवसेना के जिला अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मिलकर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की और मृत गौ माताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करवाई।
ज्ञान सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है कि प्रदेश में गौ माताएं असुरक्षित होकर सड़कों पर काल का ग्रास बन रही हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में स्वयं को गौ रक्षक बताने वाली भाजपा सरकार के शासनकाल में ही गौ माताएं बेसहारा होकर सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। लेकिन इनकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। गाय माता भाजपा के लिए सिर्फ वोट बैंक है जनता की भावनाओं को गौ माता से जोड़कर भाजपा लोगों की भावनाओं से खेलने का काम करती है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,
इस दर्दनाक घटना से स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है।

शिवसेना ने जताया आक्रोश
इस घटना की जानकारी मिलने पर शिव सैनिकों को एवं गौसेवकों में केशव मिश्रा और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सुरक्षित शरण दिलाई और पशु चिकित्सकों की तत्परता से 2 गौवंशों की जान बचाई गई। स्थानीय लोगों ने कू्रर पशुपालकों की लापरवाही और शासन-प्रशासन की चुप्पी को सबसे बड़ा गुनाह बताया। उनका कहना है कि सरकार जहां एक ओर गौसेवा का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर सडक़ों पर हो रही ऐसी दर्दनाक घटनाओं ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।
इस घटना पर शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा एनएच-39 आज गौवंशों की कब्रगाह बन चुका है। शासन-प्रशासन की मौन भूमिका सबसे बड़ा अपराध है। अगर सरकार सचमुच गोसेवा के प्रति गंभीर है, तो इस लापरवाही पर तत्काल रोक लगाए, अन्यथा आने वाले समय में जनता इस पाप का हिसाब जरूर लेगी।












